Epstein Files का सच: मोदी से लेकर दुनिया के ताकतवर नाम

एपस्टीन फाइल का परिचय और विषय की पृष्ठभूमि(Introduction to the Epstein File and Background to the Subject)

एपस्टीन फाइल पर चर्चा, जो लंबे समय से सुर्खियों में है।

जेफरी एपस्टीन की मृत्यु के बाद उनके कई छुपे हुए रिकॉर्ड, ईमेल, ब्लैक बॉक्सेज और कैमरे सामने आए हैं।

इन रिकॉर्ड्स में दुनिया के कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिल गेट्स, ब्रिटिश प्रिंस, ईलॉन मस्क, अनिल अंबानी, डोनाल्ड ट्रंप, जॉर्ज डब्ल्यू बुश जैसे प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हैं।

एपस्टीन फाइल में प्रधानमंत्री मोदी का नाम भी आने से राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है।



एपस्टीन कौन थे? Who was Epstein?

जेफरी एपस्टीन एक बाल यौन अपराधी, भ्रष्टाचार में लिप्त और ताकत का दुरुपयोग करने वाला व्यक्ति था। शुरुआत में वह एक शिक्षक थे, फिर धीरे-धीरे फाइनेंस सेक्टर में जुड़े। उन्होंने नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया और शक्तिशाली लोगों को अपने जाल में फंसाकर दलाली की। 2006 में पहली बार उनके अपराध का खुलासा हुआ, लेकिन दबाव के कारण मामला ठंडा पड़ गया। 

2009 में जेल से जल्दी रिहा कर दिए गए क्योंकि उनके संपर्क अमेरिका के बड़े लोगों से थे।

2017 में मी टू मूवमेंट के बाद आरोप फिर से जोर पकड़ने लगे।

2019 में गिरफ्तार किए गए, लेकिन अगस्त 2019 में जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई।


एपस्टीन का काला रिकॉर्ड और उसकी रणनीति
Epstein's dark record and his tactics

एपस्टीन ने अपने पास शक्तिशाली लोगों के कई गुप्त रिकॉर्ड रखे थे जैसे कॉल लॉग्स, वीडियो, ब्लैक बॉक्स रिकॉर्ड्स।

उन्हें पता था कि एक दिन उन्हें खत्म किया जा सकता है, इसलिए वह हर चीज़ का दस्तावेजीकरण करते रहे।

उनकी मौत के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई, खासकर डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगे कि उन्होंने एपस्टीन को मरवा दिया।

2021 में बाइडन प्रशासन ने एपस्टीन के संबंधों को लेकर ट्रंप पर निशाना साधा।

ट्रंप ने चुनाव में वापसी के दौरान कहा कि वह एपस्टीन से जुड़ी सभी फाइलें सार्वजनिक करेंगे।

एपस्टीन फाइल की सार्वजनिक रिलीज़
Public release of the Epstein file

दिसंबर 2025 में लगभग 3 लाख दस्तावेज और 2000 वीडियो सार्वजनिक हुए, लेकिन अधिकांश पेज ब्लर या काले कर दिए गए थे।

जनवरी में पुनः 3.5 मिलियन पेज का डेटा जारी किया गया, जिसमें पीड़ित महिलाओं की पहचान छुपाई गई थी।

इस फाइल में कई शक्तिशाली हस्तियों के नाम और संदिग्ध बातें खुलकर सामने आईं।

बिल गेट्स का एपस्टीन फाइल में उल्लेख
Bill Gates mentioned in the Epstein file

फाइल में बिल गेट्स की जानकारी बड़ी संख्या में दस्तावेजों में पाई गई।

एपस्टीन ने खुद को मेल भेजकर बिल गेट्स के संबंधों और सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज़ (STD) से जुड़ी जानकारी रखी थी।

आरोप था कि बिल गेट्स ने रशियन महिलाओं के साथ संबंध बनाए थे, जिससे उनकी पत्नी मेलिंडा गेट्स संक्रमित हुईं।

मेलिंडा गेट्स ने भी इस कारण तलाक की बात कही थी, जो मई 2021 में हुआ।

बिल गेट्स ने एपस्टीन से अपने संबंधों को स्वीकार किया और खेद जताया।

फाइल में बिल गेट्स पर एडरॉल ड्रग्स लेने के आरोप भी थे।

ब्रिटेन के प्रिंस एंड्र्यू और अन्य नाम
Britain's Prince Andrew and other names

ब्रिटिश प्रिंस एंड्र्यू की भी कई तस्वीरें और रिकॉर्ड्स फाइल में शामिल हैं, जिनमें वे एक महिला के साथ जमीन पर लेटे हुए दिखाई देते हैं।

जॉर्ज डब्ल्यू बुश और डोनाल्ड ट्रंप के नाम भी कई बार फाइल में आए हैं।

एफबीआई के पास ट्रंप के खिलाफ शिकायतें भी मिली हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस दस्तावेज सार्वजनिक नहीं हुए।

यूके के एक सीनेटर, लॉर्ड पीटर मेंडलसन, को एपस्टीन के साथ संबंधों के कारण इस्तीफा देना पड़ा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एपस्टीन फाइल में उल्लेख
Prime Minister Narendra Modi mentioned in the Epstein file

2017 में प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल का दौरा किया था, जो 70 वर्षों में पहली बार था।

एपस्टीन की फाइल में लिखा है कि मोदी ने एपस्टीन की सलाह मानी और इजराइल में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लिए नाचे-गाए।

विपक्ष ने इस बात को लेकर मोदी सरकार पर हमला किया और सवाल उठाए कि मोदी किस सलाह का पालन कर रहे थे।

2019 के लोकसभा चुनाव से 10 दिन पहले मोदी ने एपस्टीन से मिलने के लिए किसी को भेजा था, जिसका उल्लेख भी फाइल में है।

एपस्टीन ने ट्रंप के करीबी स्टीव बेनन से भी बातचीत की कि मोदी से मुलाकात करवाई जाए।

अनिल अंबानी और मोदी के अमेरिकी दौरे से जुड़ी बातें
Things related to Anil Ambani and Modi's US visit

अनिल अंबानी की भी एपस्टीन के साथ बातचीत की चैट फाइल में आई है।

इसमें कहा गया कि दिल्ली के नेतृत्व को बैनन से मिलने के लिए मदद चाहिए।

अनिल अंबानी को एपस्टीन से प्रधानमंत्री के अमेरिकी दौरे की व्यवस्था करने के लिए कहा गया।

विपक्ष ने सवाल किया कि निजी उद्योगपति संदिग्ध तरीके से सरकारी नेतृत्व के संगठनों के बीच कैसे दखल दे रहा है।

एपस्टीन का प्रभाव और राजनीतिक स्थिति
Epstein's influence and political standing

एपस्टीन एक हाई लेवल ब्लैकमेलर और दलाल था, जिसके पास सरकारों, उद्योगपतियों और पावरफुल लोगों को जोड़ने की जबरदस्त लॉबिंग पावर थी।

जब उसने सत्ता पर नियंत्रण करने की कोशिश की, तो संभवत: इसे मार दिया गया।

भारत सरकार ने एपस्टीन फाइल में मोदी के नाम पर तीव्र प्रतिक्रिया दी और इसे एक अपराधी की मनगढ़ंत बातें बताया।

अमेरिकी सरकार ने एपस्टीन के अपराधों पर अब आगे कोई कार्रवाई न करने का फैसला किया है।

प्रमुख निष्कर्ष
major findings

जेफरी एपस्टीन एक बाल यौन अपराधी और दलाल था जिसने कई बड़े नेताओं, उद्योगपतियों और शक्तिशाली व्यक्तित्वों को अपने जाल में फंसाया।

एपस्टीन फाइल में विश्व के कई प्रमुख नेताओं और उद्योगपतियों जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिल गेट्स, ब्रिटिश प्रिंस एंड्र्यू, डोनाल्ड ट्रंप, जॉर्ज बुश, अनिल अंबानी के नाम उभर कर आए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का नाम विवादास्पद रूप से आया है, जिसमें कहा गया कि उन्होंने एपस्टीन की सलाह मानी और इजराइल में ट्रंप के लिए प्रदर्शन किया।

एपस्टीन ने अपने पास गुप्त रिकॉर्ड और कैमरों की मदद से शक्तिशाली लोगों के कई काले राज रखे थे।

अमेरिकी राजनीति में एपस्टीन की मौत और उसके बाद फाइल की रिलीज ने भारी हलचल मचाई।

फाइलों में अधिकांश पेज ब्लर किए गए हैं, जिससे पूरी जानकारी अभी भी अस्पष्ट है।

भारत सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है और इसे "अपराधी की मनगढ़ंत बातें" बताया है।

एपस्टीन की फाइल से जुड़े मामले अभी भी जारी हैं और आगे और खुलासे संभव हैं।

एपस्टीन फाइल में उल्लेखित प्रमुख नाम और भूमिका
Key names and roles mentioned in the Epstein file

नाम भूमिका/स्थिति फाइल में उल्लेखित तथ्य/स्थिति

जेफरी एपस्टीन बाल यौन अपराधी, दलाल नाबालिग लड़कियों का शोषण, शक्तिशाली लोगों का ब्लैकमेल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री 2017 इजराइल यात्रा, ट्रंप के लिए प्रदर्शन, 2019 में एपस्टीन से संपर्क

बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट संस्थापक, उद्योगपति रशियन महिलाओं के साथ संबंध, STD का आरोप, तलाक की वजह

ब्रिटिश प्रिंस एंड्र्यू ब्रिटिश राजपरिवार के सदस्य संदिग्ध तस्वीरें, महिला के साथ जमीन पर लेटा हुआ

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के  राष्ट्रपति एपस्टीन के करीबी, गिरफ्तारी के समय राष्ट्रपति, फाइल में 100+ बार उल्लेख

जॉर्ज डब्ल्यू बुश अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति फाइल में नाम उल्लेखित, विवरण अस्पष्ट

अनिल अंबानी भारतीय उद्योगपति एपस्टीन के साथ चैट, अमेरिकी दौरे की व्यवस्था में शामिल

स्टीव बेनन मीडिया कर्मी, ट्रंप के करीबी एपस्टीन के करीबी, मोदी और ट्रंप के बीच मिलान कराने वाला

लॉर्ड पीटर मेंडलसन ब्रिटेन के सांसद एपस्टीन से जुड़े आरोप, इस्तीफा दिया

मुख्य प्रश्न और विवाद
Key questions and controversies

प्रधानमंत्री मोदी और एपस्टीन के बीच क्या वास्तविक संबंध थे?

मोदी ने किस सलाह के तहत ट्रंप के लिए प्रदर्शन किया?

अनिल अंबानी का एपस्टीन से संपर्क किस उद्देश्य से था?

एपस्टीन की मौत में क्या साजिश थी?

एपस्टीन फाइल की पूरी पारदर्शिता क्यों नहीं हो पा रही?

अमेरिका और भारत सरकारें इस मामले में किस हद तक जवाबदेह हैं?

यह विषय भारत और विश्व की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाला है और आगे इस पर और खुलासे संभव है

Post a Comment

Previous Post Next Post